गोरखपुर : हमारे समाज में बुराइयां हैं लेकिन इसी सामाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इसको बेहतर बनाने का काम करते हैं। यह समाज हमारे और आपके सोच का ही प्रतिफल होता है। आज हम अपने स्पेशल सेक्शन शाबाश इंडिया में आपको एक ऐसी ही सख्शियत से मिलाने जा रहे हैं जिन्होंने समाज को सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं और आज वो एक ऐसे तबके की आवाज़ बुलंद कर रही हैं जो हम सब से कहीं ना कहीं पीछे छूट जाता है।

आज हम बात कर रहे हैं किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर किरण गिरी की , अपने जीवन को गरीब और असहाय लोगों के लिए समर्पित कर चुकीं किरण गिरी ने हमारे संवादाता आशीष शाही से बात करते हुए अपने जीवन के कई उतार चढ़ाव के बारे में बताया। उन्होंने सामाज की कुरीतियों और लोगों की मानसिकता पर बात करते हुए कहा की हम अपने आने वाली पीढ़ी को सीखा सकते हैं की उन्हें अपने भविष्य का निर्माण किस प्रकार करना है।

किन्नर , एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही हमारे ज़ेहन में एक नाचने गाने वाले की छवि बनती है। क्या हमने कभी सोचा है की इसके भी इतर समाज में इनको कोई मुकाम मिलना चाहिए ? इसी मुद्दे पर किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर किरण गिरी ने कहा की क्या हम एक ऐसे सामाज का निर्माण नहीं कर सकते जिसमे सभी को जीने का और अपने जीवन के फैसले लेने का सामान अधिकार हो। लोगो की मानसिकता जब तक नहीं बदलेगी तब तक हमारे समाज से ऐसी बुराइयां नहीं ख़तम हो सकती। हम सब को इस राक्षस से मिलकर लड़ना होगा।

अनाथ और गरीबों की करती हैं मदद
किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर किरण गिरी ने गरीबों और असहाय लोगो की मदद करने में भी सबसे आगे रहती हैं , चाहे गरीब कन्याओं की शादी हो चाहे बच्चों की शिक्षा हो किरण गिरी ने सभी की मदद की है। गरीबो के लिए किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर किरण गिरी के दरवाज़े हमेशा खुले रहते हैं। हालहीं में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर किरण गिरी ने एक पर्वतारोही क्षात्र की मदद की जो अब इनकी मदद के बाद भारत का गौरव बढ़ाने अफ्रीका की सबसे ऊँची पर्वत शृंखला किलिमंजारो पर्वत पर चढ़ाई करेगा।

किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर किरण गिरी ने इस ठण्ड में गरीबों के लिए कंबल वितरण का कार्यक्रम कर समाज को सन्देश दिया , उन्होंने कहा की इस धरा पर रहने वाले सभी लोग हमारे अपने हैं और इन सभी के लिए सोचना हमारी ज़िम्मेदारी है।

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