सरकार अगले सप्ताह पेश किए जाने वाले आम बजट में कई वस्तुओं पर सीमा शुल्क में कटौती कर सकती है।

सरकार अगले सप्ताह पेश किए जाने वाले आम बजट में कई वस्तुओं पर सीमा शुल्क में कटौती कर सकती है, जिसमें फर्नीचर के कच्चा माल, तांबा भंगार, कुछ रसायन, दूरसंचार उपकरण और रबड़ उत्पाद शामिल हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पॉलिश किए गए हीरे, रबड़ के सामान, चमड़े के कपड़े, दूरसंचार उपकरण और कालीन जैसे 20 से अधिक उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती की जा सकती है।

इसके अलावा फर्नीचर बनाने में इस्तेमाल होने वाली कुछ बिना रंदी लकड़ियों और हार्डबोर्ड आदि पर सीमा शुल्क पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। उन्होंने बताया, ‘‘महंगा कच्चा माल अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की कीमत प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करता है। देश से फर्नीचर का निर्यात बहुत कम (लगभग एक प्रतिशत) है, जबकि चीन और वियतनाम जैसे देश इस क्षेत्र के प्रमुख निर्यातक हैं।’’

सूत्रों के अनुसार सरकार ने कोलतार और तांबा स्क्रैप पर सीमा शुल्क को कम करने पर भी विचार कर सकती है। सरकार ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पहले ही कई कदम उठाए हैं। एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट सहित कई क्षेत्रों के लिए उत्पादन आधारित विनिर्माण योजना (पीएलआई) की शुरू की गयी है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वर्ष 2021-22 का बजट पेश करेंगी। सूत्रों ने बताया, ‘‘इन सामानों पर शुल्कों को कम करने से आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा मिलेगा और घरेलू विनिर्माण में तेजी आएगी।’’

वहीं सरकार आगामी आम बजट में घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए खिलौना क्षेत्र के लिए एक प्रतिबद्ध नीति की घोषणा कर सकती है। सूत्रों ने कहा कि इस नीति से देश में उद्योग के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने और स्टार्टअप को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय पहले ही खिलौनों के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए कदम उठा रहा है। मंत्रालय ने क्षेत्र के लिए गुणवत्ता नियंत्रक आदेश जारी किया है और साथ ही पिछले साल खिलौनों पर आयात शुल्क बढ़ाया है।

एक सूत्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलौना उद्योग में भारत की हिस्सेदारी काफी कम है। वैश्विक मांग में भारत के निर्यात का हिस्सा 0.5 प्रतिशत से भी कम है। ऐसे में इस क्षेत्र में काफी अवसर हैं।

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