स्कूल स्टाफ 15 साल की यशस्विनी पर कथित तौर पर 3,000 रुपये की बकाया फीस भरने का दबाव बना रहा था.

हैदराबाद से मानवता को शर्मशार करने वाली एक घटना सामने आई है. यहां मजदूर माता-पिता द्वारा स्कूल की बकाये फीस को नहीं भर पाने के कारण एक निजी स्कूल की 10वीं की स्टूडेंट ने खुदकुशी कर ली. स्कूल स्टाफ 15 साल की यशस्विनी पर कथित तौर पर 3,000 रुपये का फीस भरने का दबाव बना रहा था. माता-पिता ने कहा कि वह उदास थी क्योंकि वह अपनी पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ थी. उसने स्कूल जाना बंद कर दिया था.

उसके माता-पिता ने पुलिस को बताया कि जब वे गुरुवार शाम को काम से घर लौटे, तो उन्होंने नेरेदमेत के काकतियानगर में अपने घर को अंदर से बंद पाया. जब बार-बार खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजे की कुंडी तोड़ दी और बेटी को रस्सी से लटका हुआ पाया.

नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

मृत छात्रा के परिवार की शिकायत पर राचकोंडा पुलिस कमिश्नरेट के तहत नेरेदमेत पुलिस स्टेशन ने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने कहा कि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.

नेरेदमेत के इंस्पेक्टर ए. नरसिम्हा स्वामी ने कहा, “वित्तीय समस्याओं के कारण माता-पिता फीस भुगतान नहीं कर सके. इस वजह से छात्रा जाहिर तौर पर उदास थी और उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया.” पुलिस अधिकारी ने कहा कि लड़की के माता-पिता ने स्कूल द्वारा उत्पीड़न की शिकायत नहीं की है.

लॉकडाउन में भी भरा था 15,000 रुपए

लड़की के माता-पिता ने कहा कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान कमाई कम होने के बावजूद फीस के रूप में 15,000 रुपये का भुगतान किया था और बाद में बकाया भुगतान करने का वादा किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने अपमान का सामना करने के कारण स्कूल जाना बंद कर दिया था. कोविड (COVID-19) महामारी के कारण लगभग 10 महीने के बाद हैदराबाद और तेलंगाना के बाकी हिस्सों में नौवीं कक्षा और उससे ऊपर के लिए स्कूलों 1 फरवरी को फिर से खोला गया है.

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