2019 में कर्नाटक में एचडी कुमार स्वामी की जनता दल सेक्यूलर ( JD-S) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार महज 14 महीने में गिरा दी गई थी.

2019 में कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस सरकार से जुड़े फोन थे पेगासस के 'टारगेट, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और एचडी कुमारस्वामी

पेगासस स्पाईवेयर विवाद में एक नया खुलासा हुआ है. ‘द वायर’ ने इस इजरायली स्पाईवेयर से जुड़े अपने नए खुलासे में कहा है कि साल 2019 में कर्नाटक की जनता दल सेकुलर-कांग्रेस सरकार से जुड़े फोन नंबर संभावित टारगेट थे. ‘द वायर’ की रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2019 में जेडीएस-कांग्रेस की सरकार के गिरने और बीजेपी की सरकार बनने का इस कथ‍ित जासूसी से संबंध है.

जिन प्रमुख नेताओं या उनके करीबी लोगों के नंबर पेगासस की लिस्ट में शामिल होने का दावा इस रिपोर्ट में किया गया है, उनमें राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर जैसे बड़े नेता शामिल हैं.रिपोर्ट के मुताबिक इस लिस्ट में शामिल फोन नंबर पेगासस के हैकिंग अटैक के निशाने पर होने की आशंका है.

‘प्राइवेट कंपनी को यह स्पाइवेयर नहीं दिया जाता’

हालांकि ये नंबर जिन मोबाइल फोन या अन्य डिवाइसेज़ पर इस्तेमाल किए जा रहे थे, उनके फॉरेंसिक ऑडिट के बिना ये पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि उनकी हैकिंग का सफल या असफल प्रयास किया गया था या नहीं. वहीं द वायर की रिपोर्ट में बताया गया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर, दो केंद्रीय मंत्री, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी और 40 भारतीय पत्रकार जासूसी के संभावित टारगेट थे.

यह लिस्ट भारत की एक अज्ञात एजेंसी की है, जो कि इयरायली कंपनी एनएसओ ग्रुप का स्पाइवेयर Pegasus यूज करती है. एनएसओ का कहना है कि यह अपना Pegasus स्पाइवेयर केवल ‘जांची-परखी सरकारों’ को ही आतंक से लड़ने के मकसद से देती है. किसी भी प्राइवेट कंपनी को यह स्पाइवेयर नहीं दिया जाता है.

14 महीने में गिर गई थी जेडी (एस)-कांग्रेस की सरकार

2019 में कर्नाटक में एचडी कुमार स्वामी की जनता दल सेक्यूलर ( JD-S) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार महज 14 महीने में गिरा दी गई थी. कांग्रेस, जेडीएस ने आरोप लगाया था कि उनकी सरकार गिराने के लिए बीजेपी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था. आखिरकार कुमारस्वामी सदन में छह वोटों से विश्वास मत साबित करने से चूक गए थे. बहुमत परीक्षण में गठबंधन के 20 विधायक गैर मौजूद रहे थे. कुमारस्वामी को 99 वोट मिले. जबकि उनके विरोध में 105 मत पड़े. कुमारस्वामी के इस्तीफे के बाद बीएस येदियुरप्पी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनाई गई और विश्वास मत के दौरान गठबंधन को गच्चा देने वाले विधायकों ने बाद में बीजेपी का दामन थाम लिया.

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