मानसून सत्र की शुरुआत से पहले भी कई विपक्ष के सदस्यों ने पेगासस स्पाइवेयर के बारे में चिंता जताई थी और इस संबंध में व्यावसायिक नोटिस को निलंबित कर दिया था.

Pegasus Spyware: पेगासस रिपोर्ट पर कांग्रेस आज सभी राज्‍यों में सरकार को घेरेगी, BJP भी पलटवार को तैयार

प्रतीकात्मक

कांग्रेस ‘पेगासस जासूसी’ मामले को लेकर बुधवार को यानी आज केंद्र सरकार को पूरी तरह से घेरने की तैयारी में है. इसी कड़ी में आज पार्टी सभी राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी. कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ये एक गंभीर मुद्दा है और इसे लेकर समान विचारधारा वाले लोगों के बीच चर्चा करनी होगी. जनता को सरकार का सच पता होना चाहिए.

पेगासस जासूसी मामले में जहां मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है तो वहीं इसका जवाब देने के लिए बीजेपी ने भी अपनी रणनीति बना दी है. बीजेपी ने मंगलवार को कहा कि बीजेपी के मुंख्यमंत्री और राज्यों में नेता प्रतिपक्ष अपने-अपने राज्यों में पेगासस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और इसे देश को बदनाम करने की साजिश बताएंगे.

कांग्रेस भी हर राज्य में करेगी प्रेस कॉन्फ्रेंस

कांग्रेस का कहना है कि पार्टी ‘पेगासस प्रोजेक्ट’ मीडिया रिपोर्ट पर बुधवार को देश के हर राज्य में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी, तो वहीं पार्टी की सभी राज्य इकाइयां गुरुवार को देशभर के सभी राजभवन तक विरोध मार्च निकालेगी. कांग्रेस नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि अगर ये झूठ है तो मानहानि का केस दायर करो. खड़गे ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि जासूसी करना और डराना इस सरकार का काम है.

पेगासस स्पाइवेयर के जरिए पत्रकारों और कार्यकर्ताओं के फोन हैक होने की संभावित खबरों के बीच लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे. चौधरी ने कहा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है. निश्चित रूप से सदन में पेगासस स्पाइवेयर का मुद्दा उठाया जाएगा.

विपक्ष की पेगासस मामले पर कड़ी नजर

मानसून सत्र की शुरुआत से पहले भी कई सदस्यों ने पेगासस स्पाइवेयर के बारे में चिंता जताई थी और इस संबंध में व्यावसायिक नोटिस को निलंबित कर दिया था. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्यसभा सांसद बिनॉय विश्वम ने सोमवार को पेगासस स्पाइवेयर के पैमाने के खुलासे पर नियम 267 के तहत व्यावसायिक नोटिस को निलंबित कर दिया था.

मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी विपक्षी दलों के हंगामे के चलते सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा. इसके बाद लोकसभा और उसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही 22 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई.

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