राजस्थान में कांग्रेस पार्टी का विवाद थमने की उम्मीद है. इसी बीच राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन के एक रीट्वीट ने राजस्थान में गहलोत खेमें में बेचैनी पैदा कर दी. इस पर पहले सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर सफाई दी और बाद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से भी सफाई सामने आई है. सिद्धू की ताजपोशी के बाद पायलट समर्थकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं.

Rajasthan: सिद्धू की ताजपोशी से राजस्थान कांग्रेस में मची हलचल, गहलोत खेमे में हुई बेचैनी

राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन के रिट्वीट के बाद सियासी हलचल तेज हो गई. (सांकेतिक तस्वीर)

पंजाब के बाद राजस्थान विवाद खत्म होने की उम्मीद बंधी है. इसी बीच, राजस्थान कांग्रेस ( Rajasthan Congress) के प्रभारी अजय माकन (Ajay Maken) के एक रीट्वीट ने पार्टी में हलचल मचा दी है. इस मामले में पहले सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) को ट्वीट कर सफाई देनी पड़ी. अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की ओर से बयान आया है कि अजय माकन सीएम अशोक गहलोत से नाराज नहीं. माकन ने एक ट्वीट को रीट्वीट किया जिसमें लिखा था कि किसी भी राज्य में कोई क्षत्रप अपने दम पर नहीं जीतता है. गांधी नेहरू परिवार के नाम पर ही गरीब, कमजोर वर्ग, आम आदमी का वोट मिलता है. चाहे वह अमरिंदर सिंह हो या गहलोत या  कोई और सीएम बनते ही यह समझ लेते हैं कि उनकी वजह से ही पार्टी जीती है.

प्रदेश में सचिन पायलट कैंप को कैबिनेट में जगह दिलाने और राजनीतिक नियुक्तियों में भागीदारी दिलाने के लिए बीते 10 दिन पहले माकन जयपुर आए थे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से दो दिन में दो बार मिले, लेकिन गहलोत पायलट के साथ सत्ता की साझेदारी करने को तैयार ही नहीं है.

हाई कमान गहलोत से है, नाराज

सत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान गहलोत से खफा है. ये मान रहा है कि गहलोत खुद को ताकतवर क्षत्रप मानने लग गए है. आलाकमान को बौना समझ रहे हैं. इस पर राजस्थान कांग्रेस ने सफाई दी माकन गहलोत से नाराज नहीं. राजस्थान में माकन के आने के बाद सत्ता संगठन में कॉर्डिनेशन है. माकन के एक ट्वीट पर मुहर ने सीएम गहलोत को भी बैचेन कर दिया है. गहलोत को ट्वीट कर सफाई दी है कि पार्टी आलाकमान सबसे ऊपर है. गहलोत ने लिखा है कि कांग्रेस में चर्चा के बाद फैसलों की परंपरा है, लेकिन एक बार आलाकमान फैसला ले लेता है तो सभी सम्मान करते हैं. गहलोत ने ट्वीट में ये भी कहा कि अमरेंद्र सिंह एक हफ्ते पहले ही कह चुके कि वे आलाकमान का फैसला मानेंगे.

अब पंजाब के बाद हाई कमान की नजर राजस्थान पर

दरअसल, माकन के इस रीट्वीट को माकन की राय नहीं, कांग्रेस आलाकमान और गांधी परिवार की राय माना जा रहा है. जिस तरह गहलोत सचिन पायलट और उनके समर्थकों को साइड लाइन कर रहे हैं और गांधी परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर गहलोत पायलट को सत्ता में भागीदारी देने को तैयार नहीं. इससे साफ संदेश है कि पार्टी आलाकमान की नजर पंजाब के बाद अब राजस्थान पर है.

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