मैरी कॉम मुक्केबाजी टोक्यो ओलिंपिक में भारत को पदक नहीं दिला सकी थीं, लेकिन उनकी कमी को लवलिना ने पूरा कर दिया है और भारत के लिए पदक पक्का कर दिया है.

Tokyo Olympics 2020 : मुक्केबाज लवलिना ने पदक किया पक्का, दीपिका, मनु ने किया निराश, महिला हॉकी टीम ने जिंदा रखी उम्मीदें

महिला मुक्केबाज लवलिना बोरगेहन ने पदक किया पक्का . (Pic Credit BFI)

टोक्यो ओलिंपिक-2020 (Tokyo Olympics 2020_ में भारत के लिए शुक्रवार का दिन खास रहा क्योंकि इस दिन भारत के लिए इन खेलों में दूसरा पदक पक्का हो गया है. भारत की महिला मुक्केबाज लवलिना बोरगेहन ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का कर लिया है. यह मुक्केबाजी में लंदन ओलिंपिक-2012 के बाद भारत का पहला पदक होगा. वहीं तीरंदाजी में भारत को निराशा हाथ लगी है. दीपिका कुमारी क्वार्टर फाइनल में पहुंच कर हार गईं. इसके अलावा निशानेबाजी में भी भारत को निराशा हाथ लगी. मनु भाकर और राही सरनाबोत भी 25 मीटर पिस्टल इवेंट के फाइनल में नहीं पहुंच सकी हैं. दुती चंद से भी भारत को हताशा हाथ लगी. महिला हॉकी टीम ने हालांकि अपना मैच जीत क्वार्टर फाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखा है.

अभी हालांकि कई मुकाबले बाकी हैं और भारत के लिए कुछ अच्छी खबर भी आ सकती है. अभी तक भारत का दिन कैसा रहा है. हम बता रहे हैं आपको

मुक्केबाजी में लवलिना ने किया कमाल

आज की सबसे बड़ी खबर मुक्केबाजी से आई. पहली बार ओलिंपिक में हिस्सा ले रहीं लवलीना (69 किलोग्राम भारवर्ग ) ने पूर्व विश्व चैम्पियन चीनी ताइपै की नियेन चिन चेन को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया. इसके साथ ही उन्‍होंने टोक्यो ओलिंपिक की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का पदक भी पक्का कर दिया. असम की 23 वर्ष की मुक्केबाज ने 4-1 से जीत दर्ज की. अब उसका सामना मौजूदा विश्व चैम्पियन जुर्की की बुसानेज सुरमेनेली से होगा जिसने क्वार्टर फाइनल में अन्ना लिसेंको को मात दी.

भारत को हालांकि मुक्केबाजी निराशा भी मिली. सिमरनजीत कौर को थाइलैंड की सुदापोर्न सीसोंदी को महिला 60 किलोग्राम भारवर्ग के अंतिम 16 के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा.

हॉकी में महिला ने जिंदा रखी उम्मीदें

भारत की महिला हॉकी टीम का आज से पहले ओलिंपिक में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था. उसे लगातार तीन हार मिलीं थीं और उस पर क्वार्टर फाइनल से बाहर जाने का सपना टूटता दिख रहा था, लेकिन आज महिला टीम ने आयरलैंड को 1-0 से हराकर अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है. भारत के लिए यह गोल नवनीत कौर ने आखिरी क्वार्टर में किया. यह भारत की महिला हॉकी टीम की ओलिंपिक में 41 साल बाद पहली जीत है. इससे पहले उसने आखिरी बार 1980 के मास्को ओलिंपिक में जीत दर्ज की थी.

एथलेटिक्स में दुती चूक गईं

भारत की दिग्गज महिला धावक दुती चंद ने 100 मीटर स्पर्धा में हिस्सा लिया था लेकिन वह इस इवेंट में सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल नहीं रहीं. पांचवीं हीट में हिस्सा लेने वाली दुती आठ धावकों में से सातवें स्थान पर रहीं. उन्होंने 11.54 सेकेंड का समय निकाला. दुती के अलावा आज एथलेटिक्स में अबिनाश साबले ने भी हिस्सा लिया था. उन्होंने पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में हिस्सा लिया. अविनाश ने रेस पूरी करने के लिए 8:18.12 सेकेंड का समय निकाला. साबले ने बेशक प्रतियोगिता के फाइनल में जगह पक्की नहीं कर सके पर ये देखना शानदार रहा कि उन्होंने अपना अब तक का बेस्ट दिया.

मनु और राही का चूका निशाना

ओसाका शूटिंग रेंज में अपनी पिस्टल लिए भारत की दो निशानेबाज मनु भाकर और राही सरनोबत इवेंट में थीं. पर दोनों में से किसी ने मेडल के लिए फाइनल के टिकट पर निशाना नहीं दागा. इवेंट के फाइनल के लिए टॉप 8 निशानेबाजों को फाइनल का टिकट मिलना था. लेकिन भारतीय निशानेबाजों में मनु भाकर और राही सरनोबत टॉप 8 में जगह बनाने से काफी दूर रह गईं. 29 जुलाई को हुए प्रिसिजन राउंड में मनु 5वें नंबर पर थीं. जबकि राही 26वें नंबर पर. आज 25 मी. पिस्टल इवेंट का रैपिड राउंड था. मनु भाकर ने रैपिड राउंड में 290 अंक बटोरे. इससे पहले उन्होंने प्रिसिजन राउंड में 292 अंक हासिल किए थे. भारत की दूसरी शूटर राही सरनोबत ने प्रिसिजन और रैपिड, दोनों राउंड मिलाकर 573 अंक लिए. उन्होंने प्रिसिजन में 287 अंक लिए थे जबकि रैपिड में 286 पॉइंट्स बटोरे थे.

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