विश्वास सारंग ने पहले कहा था कि15 अगस्त 1947 को नेहरू ने लाल किले से जो भाषण दिया था उसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था (India’s Economy) बिगड़ी. उनके इस बयान के बाद कांग्रेस का बीजेपी पर हमला तेज हो गया था.

MP: 'नेहरू के भाषण नहीं नीतियों से बढ़ी देश में महंगाई', अपने ही पिछले बयान पर शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने लिया यू-टर्न

मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने अपने ही एक बयान पर यू-टर्न ले लिया है. अब उन्होंने बढ़ती महंगाई के लिए जवाहर लाल नेहरू की नीतियों को जिम्मेदार बताया है.

मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री (MP Education Minister) ने अपने ही एक बयान पर यू-टर्न ले लिया है. अब उन्होंने बढ़ती महंगाई के लिए जवाहर लाल नेहरू की नीतियों को जिम्मेदार बताया है. इससे पहले शनिवार को महंगाई पर दिए गए बयान पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा था कि जवाहरलाल नेहरू के भाषण की वजह से महंगाई (Nehru Responsible For Inflation) बढ़ रही है. अब बयान बदलते हुए उन्होंने कहा है कि नीतियों की वजह से देश में महंगाई बढ़ रही है.

उनका कहना है कि जब उन्होंने कहा कि नेहरू की नीतियों (Nehru’s Policy) की वजह से अर्थवयवस्था बिगड़ गई तो कांग्रेस नेताओं के पेट में दर्द होने लगा. विश्वास सारंग ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ रख दिया है. शनिवार को उन्होंने एक बयान में कहा था कि 15 अगस्त 1947 को नेहरू ने लालकिले से जो भाषण दिया था उसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ी. उनके इस बयान के बाद कांग्रेस का बीजेपी पर हमला (Congress Attack On BJP) तेज हो गया था. जिसके बाद बीजेपी नेता ने अपने बयान पर यू-टर्न ले लिया.

नेहरू की अर्थव्यवस्था से बढ़ी  महंगाई

विश्वास सारंग का कहना है कि कांग्रेस कहती है कि नेहरूजी ने देश का निर्माण किया तो यह जवाब भी दे कि आजादी के बाद नेहरू जी ने गांधी जी की अर्थव्यवस्था के मॉडल को अनदेखा क्यों किया. शिक्षा मंत्री ने कहा कि गांधी जी के मुताबिक देश की अर्थव्यवस्था और संस्कृति गांव, खेत, किसानों से जुड़ी थी. उन्होंने कहा कि गांधीजी के मॉडल के हिसाब से गांव की अर्थव्यवस्था गांव में ही बढ़नी चाहिए थी, फिर नेहरू ने उसे अनदेखा क्यों किया.

‘पश्चिमी संस्कृति से बहुत प्रभावित थे नेहरू’

विश्वास सांरग ने यहां तक कह दिया कि विदेस में पढ़ने की वजह से नेहरू पश्चिमी संस्कृति से बहुत ज्यादा प्रभावित थे. इसीलिए उन्होंने हिंदुस्तान भारतीयता को तिलांजलि दे दी. यही वजह है कि जो कृषि आधारित अर्थव्यवस्था आगे बढ़नी चाहिए थी उसकी गति कम हो गई.

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