मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. पुलिस ने एक मामले में उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है. ठाणे पुलिस जल्द ही मामले में लुकआउट नोटिस जारी कर सकती है.

Mumbai: पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह पर शिकंजा कसने की तैयारी में पुलिस, जल्द जारी करेगी लुकआउट नोटिस 

परमबीर सिंह (फाइल फोटो)

मुंबई (Mumbai News) के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह (Parambir Singh) और अन्य के खिलाफ जबरन वसूली (Extortion) के मामले में लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. ठाणे पुलिस (Thane Police) ने लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पुलिस ने उन्हें पिछले कई समय से ढूंढ रही है, लेकिन वो फरार हैं.

जानकारी के अनुसार 30 जुलाई को परमबीर सिंह के साथ-साथ 28 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. ये एफआईआर फिरौत, धमकी समेत कई मामलों में ठाणे नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी. पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ चौथी FIR बुकी केतन तन्ना और सोनू जालान की शिकायत पर दर्ज की गई है. आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने गैंगस्टर रवी के साथ मिलकर फर्जी केस बनाया था. इसके बाद कार्रवाई न करने और नाम आरोपियों की लिस्ट से हटवाने के लिए केतन तन्ना से 1 करोड़ 25 लाख, सोनू जालान से 3 करोड़ 45 लाख रुपये और किरण माला से 1 करोड़ 50 लाख रुपये वसूले गए थे.

लिस्ट से नाम हटवाने के लिए मांगे डेढ़ करोड़ रुपए

इस मामले में रियाज भाटी का बयान भी दर्ज किया गया था. बताया जा रहा है कि संजय पुनमिया ने परमबीर सिंह के जरिए आरोपियों की लिस्ट से ना हटवाने का वादा कर उससे डेढ़ करोड़ रुपये वसूले थे. रियाज भाटी ने दावा किया कि संजय पुमनिया ने उसके सामने ही परमबीर सिंह से फोन पर बातचीत की थी.

छोटा शकील से संबंध होने का शक

डीसीपी लेवल के अधिकारी को इस जांच टीम का हेड बनाया गया है. जबकि एसीपी लेवल के अधिकारी पूरे मामले की जांच सौंपी गई है. इतना ही नही, इस मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले श्यामसुंदर अग्रवाल के खिलाफ जुहू पुलिस स्टेशन में मकोका के तहत दर्ज मामले की भी यही टीम जांच करेगी. अग्रवाल के संबंध छोटा शकील से होने का आरोप है.

अनूप डांगे ने भी लगाए आरोप

वहीं पुलिस निरीक्षक अनूप डांगे ने आरोप लगाया था कि परमबीर सिंह के कहने पर ही उन्हें निलंबित किया गया था. जानकारी के अनुसार डांगे को एक पब विवाद में शामिल कुछ लोगों का पक्ष लेने में नाकामयाब साबित हुए थे. इसलिए उन्हें निलंबित कर दिया गया था. डांगे ने इसी के साथ परमबीर सिंह पर ये आरोप भी लगाया था कि उन्होंने डांगे का निलंबन रद्द करने के लिए 2 करोड़ रुपए की मांग की थी.

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